उत्तराखण्ड

डीएम नैनीताल ने चार कुख्यात किये जिला बदर.. लालकुआं और बिंदुखत्ता के इन दो समेत तीन को दी यह राहत..

हल्द्वानी। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल द्वारा जनपद नैनीताल में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिसके तहत अपराधियों पर जिलाधिकारी नैनीताल का सख्त प्रहार: चार कुख्यात छह माह के लिए जिला बदर, तीन को गुंडा एक्ट से राहत

जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला अधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अपराधियों को छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, तीन व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है।

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जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार रोहित पांडे पुत्र मदन पांडे, निवासी बेड़ाझाल, थाना रामनगर के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट तथा भारतीय दंड संहिता के तहत कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यद्यपि वह कुछ मामलों में दोषमुक्त हो चुका है, जबकि कुछ प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। प्राप्त सूचना अनुसार चुनाव के दौरान दो अलग-अलग अवसरों पर अपराध कारित करने तथा सार्वजनिक स्थल पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करने जैसे गंभीर आरोप भी उसके विरुद्ध दर्ज हैं। उसकी आपराधिक अभ्यस्तता और गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से उसे छह माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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इसी प्रकार देव सिंह जाटव पुत्र रघुवीर, निवासी गाड़ी पड़ाव, मल्लीताल के विरुद्ध चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, एनडीपीएस अधिनियम तथा पशु क्रूरता अधिनियम सहित अनेक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गतिविधियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने उसे भी छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है।

गौरव मेहंदी रत्ता पुत्र संजय मेहंदी रत्ता, निवासी आवास विकास, हल्द्वानी के विरुद्ध आईपीसी एवं बीएनएस के तहत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

वहीं हिमांशु पंत उर्फ पटाखा, निवासी आवास विकास, हल्द्वानी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा आईपीसी की धाराओं 379 और 411 सहित कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों की आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उन्हें भी छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।

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दूसरी ओर जिला प्रशासन ने समीक्षा के उपरांत चंदन टाकुली, निवासी तिवारी नगर, बिंदुखत्ता, विश्वनाथ पुत्र किशोरी लाल, निवासी बंगाली कॉलोनी, लालकुआं तथा जीवन कनवाल, थाना काठगोदाम के विरुद्ध संचालित गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी है।

जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट का कहना है कि जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा बनाए रखने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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